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ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग में चीन और रूस को लेकर दिया बड़ा बयान, जानें क्या कहा

Edited By: Amit Mishra @AmitMishra64927 Published : Feb 20, 2026 06:30 am IST, Updated : Feb 20, 2026 07:30 am IST

बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग के दौरान अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने चीन और रूस को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि वो चीन और रूस को बोर्ड में शामिल करना पसंद करेंगे।

Donald Trump Board of Peace Meeting- India TV Hindi
Image Source : AP Donald Trump Board of Peace Meeting

Donald Trump Board Of Peace Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक के दौरान अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कई देश इस बोर्ड में शामिल होने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं और वह चीन तथा रूस को इसमें शामिल करना पसंद करेंगे। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इन दोनों देशों को पहले ही निमंत्रण भेजा जा चुका है। ट्रंप ने इस दौरान कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनके बहुत अच्छे संबंध हैं। 

बोर्ड ऑफ पीस के बारे में जानें

बोर्ड ऑफ पीस की स्थापना ट्रंप प्रशासन की ओर से गाजा पट्टी में युद्धविराम और पुनर्निर्माण के लिए की गई है। यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 (2025) के तहत मान्यता प्राप्त है और ट्रंप अनिश्चितकाल के लिए इसकी अध्यक्षता संभाल रहे हैं। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य गाजा में स्थिरता लाना, पुनर्निर्माण कार्यों को बढ़ावा देना और भविष्य में अन्य वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता करना है। ट्रंप ने इसे संयुक्त राष्ट्र का एक मजबूत विकल्प बताया है।

कई देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल

बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें कतर, सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, हंगरी, बेलारूस और कई अन्य शामिल हैं। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका बोर्ड को 10 अरब डॉलर का योगदान देगा, जबकि अन्य सदस्य देशों ने मिलकर लगभग 7 अरब डॉलर का वादा किया है। कुछ देशों ने गाजा में इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स के लिए सैनिक भेजने की प्रतिबद्धता भी जताई है। बैठक में फीफा जैसे संगठनों से भी फंड जुटाने की बात हुई। हालांकि, बोर्ड को लेकर विवाद भी है। कई प्रमुख देशों जैसे ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और यूरोपीय संघ ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है। 

चीन और रूस ने नहीं लिया फैसला

ब्रिटेन की ओर से तो साफ कहा गया है कि पुतिन के शामिल होने की आशंका के कारण वह भाग नहीं लेगा। चीन और रूस ने अभी तक बोर्ड में शामिल होने पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है। दोनों को निमंत्रण मिला है, लेकिन वो अपनी रणनीतिक साझेदारियों से परामर्श कर रहे हैं।

पर्यवेक्षक देश के रूप में शामिल हुआ भारत

भारत ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पर गठित बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया। 'डोनाल्ड जे. ट्रंप इंस्टीट्यूट ऑफ पीस' में आयोजित बैठक में उपस्थित लोगों की सूची के अनुसार, भारत का प्रतिनिधित्व वॉशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास की प्रभारी राजनयिक नामग्या खम्पा ने किया। भारत, ट्रंप द्वारा गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस में शामिल नहीं हुआ है। 

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